UGC HINDICurrent Affairs

हिन्दी साहित्य – संधि

Contents Find In This Post

Tayari Online

NET Tayari With Tayari Online

Hindi Sahitya Spacial

WWW.TAYARIONLINE.COM

हिन्दी साहित्य :- संधि

 

संधि 

संधि का अर्थ मेल होता है दो वर्णों के मेल से जो विकार या परिवर्तन होता है, उसे संधि कहते हैं। इसमें पूर्व पद का अंतिम वर्ण और पर पद का पहला वर्ण दोनों के मेल से जो शब्द बनता हैं उसे संधि शब्द कहते है ।
संधि शब्द को अलग करना संधि विच्छेद कहलाता है।

उदाहरण:- गिरीन्द्र (संधि शब्द) = गिरि + इन्द्र (संधि विच्छेद) , देव्यागम = देवी (पूर्व पद का अंतिम वर्ण) + आगम (पर पद का पहला वर्ण)

सन्धि के तीन भेद होते हैं –
(1) स्वर संधि
(2) व्यंजन संधि
(3) विसर्ग संधि

(1) स्वर सन्धि:-

स्वर का स्वर से मेल होने से जो विकार या परावर्तन होता हैं या दो स्वरों के आपस में मिलने से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे स्वर संधि कहते हैं।
[ स्वर संधि = स्वर + स्वर ( का मेल ) ]
उदाहरण – देव + अलय = देवालय

स्वर संधि के पांच भेद होते है ।
(A) दीर्घ संधि
(B) गुण संधि
(C) वृद्धि संधि
(D) यण संधि
(E) अयादि संधि

(A) दीर्घ स्वर संधि –

दो समान स्वरों के मेल से उसी वर्ण का दीर्घ स्वर बन जाता है उसे दीर्घ स्वर संधि कहते है
(I)– यदि “अ,आ” के बाद “अ,आ” आ जाए तो दोनों के मेल से “आ” हो जाता हैं 
उदाहरण:-

देवालय = देव + आलय ( अ + आ = आ )

रेखांकित = रेखा + अंकित ( आ + अ =आ )

रामावतार = राम + अवतार ( अ + अ =आ )

कुछ अन्य उदहारण –

परमार्थ = परम + अर्थ

उपाध्यक्ष = उप + अध्यक्ष

रसायन = रस + अयन

दिनांत = दिन + अंत

भानूदय = भानु + उदय

मधूत्सव = मधु + उत्सव

(II) यदि “इ,ई” के बाद “इ,ई” आ जाए तो दोनों के मेल से “ई” हो जाता हैं।
उदाहरण:

नदीश = नदी + ईश ( ई + ई = ई )

कपीश = कपि + ईश ( इ + ई = ई )

कुछ अन्य उदहारण –

गिरीश = गिरि + ईश

सतीश = सती + ईश

हरीश = हरि + ईश

मुनीश्वर = मुनि + ईश्वर

(III) यदि “उ,ऊ” के बाद “उ,ऊ” आ जाए तो दोनों के मेल से “ऊ” हो जाता हैं।
 उदाहरण –

वधूत्सव = वधु + उत्सव ( उ + उ = ऊ )

लघूर्मि = लघु + ऊर्मि ( उ + ऊ = ऊ )

भूर्जा = भू + ऊर्जा ( ऊ + ऊ = ऊ )

कुछ अन्य उदाहरण –

भानूदय = भानु + उदय

मधूत्सव = मधु + उत्सव

वधूल्लास = वधु + उल्लास

भूषर = भू + ऊषर

(B)  गुण स्वर संधि –  

(I) अ या आ के बाद इ या ई आए तो दोनों के मेल से “ए” में परिवर्तन हो जाता हैं।
उदाहरण –

महेन्द्र = महा + इन्द्र ( आ + इ = ए )

राजेश = राजा + ईश ( आ + ई = ए )

कुछ अन्य उदहारण –

भारतेन्द्र = भारत + इन्द्र

मत्स्येन्द्र = मत्स्य + इन्द्र

राजेन्द्र = राजा + इन्द्र

लंकेश = लंका + ईश

 

(II) अ या आ के बाद उ या ऊ आए तो दोनों के मेल से “ओ” में परिवर्तन हो जाता हैं।
उदाहरण –

जलोर्मि = जल + ऊर्मि ( अ + ऊ = ओ )

वनोत्सव = वन + उत्सव ( अ + उ = ओ )

कुछ अन्य उदाहरण –

भाग्योदय = भाग्य + उदय

नीलोत्पल = नील + उत्पल

महोदय = महा + उदय

जलोर्मि = जल + उर्मि

 

(III) अ या आ के बाद ऋ आए तो “अर्” में परिवर्तन हो जाता है।
उदाहरण –

महर्षि = महा + ऋषि ( अ + ऋ = अर् )

देवर्षि = देव + ऋषि ( अ + ऋ = अर् )

(C)  वृद्धि स्वर संधि-

(I) अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो “ऐ” हो जाता हैं।
उदाहरण –

एकैक = एक + एक ( अ + ए = ऐ )

धनैश्वर्य = धन + ऐश्वर्य ( अ + ऐ = ऐ )

मतैक्य = मत +ऐक्य ( अ +ऐ =ऐ )

कुछ अन्य उदाहरण –

हितैषी = हित + एषी

मत + ऐक्य = मतैक्य

सदैव =  सदा + एव

महैश्वर्य = महा + ऐश्वर्य

(II) अ या आ के बाद औ या ओ आए तो “औ” हो जाता हैं।
उदाहरण –

महौषध = महा + औषध ( आ + औ = औ )

वनौषधि = वन + ओषधि ( अ + ओ = औ )

परमौषध = परम + औषध ( अ +औ=औ )

महौघ = महा + ओघ  ( आ +ओ =औ )

(D) यण स्वर संधि –

(I) इ या ई के बाद कोई अन्य स्वर आए तो इ या ई ‘य्’ में बदल जाता है और अन्य स्वर य् से जुड़ जाते हैं।
उदाहरण –

अत्यावश्यक = अति + आवश्यक ( इ + आ = या )

संधि विच्छेद –
अति + आवश्यक
अ + त् + इ + आ + व + श् + य + क
अ + त् + या + व + श् + य + क
अ + त्या + व + श् + य + क = अत्यावश्यक
 व्यर्थ = वि + अर्थ ( इ + अ = य )
कुछ अन्य उदाहरण –

यदि + अपि = यद्यपि

इति + आदि = इत्यादि

नदी + अर्पण = नद्यर्पण     

(II) उ या ऊ के बाद कोई अन्य स्वर आए तो उ या ऊ ‘व्’ में बदल जाता है और अन्य स्वर व् से जुड़ जाते हैं।
उदाहरण –

स्वागत = सु + आगत ( उ + आ = वा )

मन्वन्तर = मनु + अन्तर ( उ + अ = व)

कुछ अन्य उदाहरण –

अनु + अय = अन्वय

सु + आगत = स्वागत

अनु + एषण = अन्वेषण

(III) ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आए तो दोनों मिलकर ‘र्’ हो जाते हैं।
उदाहरण –

पित्राज्ञा = पितृ + आज्ञा ( ऋ + अ = रा )

मात्राज्ञा = मातृ + आज्ञा ( ऋ + अ = रा )

(D) अयादि स्वर संधि –

(I) ए या ऐ के बाद कोई भिन्न स्वर आए ए का अय्, ऐ का आय् हो जाता है।
उदाहरण –

नयन = ने + अन ( ए + अ = अय )

संधि विच्छेद –
ने + अन
न् + ए + अ + न
न् + अय् + अ + न
न् + अय् + अ + न
नय् + अ + न = नयन
उदाहरण –

गायक = गै + अक ( ऐ + अ = आय )

कुछ अन्य उदाहरण –

गायिका = गै+ इका

चयन = चे + अन

शयन = शे + अन

(II) ओ या औ के बाद कोई भिन्न स्वर आए ओ का अव् , औ का आव् हो जाता है।
उदाहरण –

पवन = पो + अन ( ओ + अ = अव )

पावन = पौ + अन  ( औ + अ = आव )

कुछ अन्य उदाहरण –

हवन = हो + अन

भवन = भो + अन

शावक = शौ + अक

 

(2) व्यंजन संधि –

व्यंजन का व्यंजन से, व्यंजन का स्वर से या स्वर का व्यंजन से मेल होने पर जो विकार उत्पन्न होता हैं। उसे व्यंजन संधि कहते  हैं।
उदाहरण –

दिग्गज = दिक् + गज

नियम 1.

क्, च्, ट्, त्, प् के बाद किसी वर्ग का तीसरे अथवा चौथे वर्ण या य्, र्, ल्, व्, ह या कोई स्वर आ जाए तो क्, च्, ट्, त्, प् के स्थान पर अपने ही वर्ग का तीसरा वर्ण हो जाता है।
नोट-[क्, च्, ट्, त्, प् + तीसरे अथवा चौथे वर्ण या य्, र्, ल्, व्, ह या कोई स्वर —–> अपने ही वर्ग का तीसरा ( क् – ग् , च् – ज् , प् – ब् , त् – द् )]
उदाहरण –

जगदम्बा = जगत् + अम्बा ( त् + अ = त वर्ग का तीसरा वर्ण – द )

दिग्दर्शन = दिक् + दर्शन  ( क् + द = ग् )

दिगंत = दिक् +अंत ( क् + अ = ग् )

कुछ अन्य उदाहरण –

दिग्विजय = दिक् + विजय

सदात्मा = सत् + आत्मा

सदुपयोग = सत् + उपयोग

सुबंत = सुप् + अंत

सद्धर्म = सत् + धर्म

नियम 2.

क्, च्, ट्, त्, प् के बाद न या म आजाए तो क्, च्, ट्, त्, प् के स्थान पर अपने ही वर्ग का पाँचवा वर्ण हो जाता है।
नोट-[ क्, च्, ट्, त्, प् + न या म —–> अपने ही वर्ग का पाँचवा
उदाहरण –

जगन्नाथ = जगत् + नाथ ( त् + न = न्  “अपने ही वर्ग का पाँचवा” )

उन्नयन = उत् + नयन ( त् + न = न् )

कुछ अन्य उदाहरण –

जगन्माता = जगत् + माता

श्रीमन्नारायण = श्रीमत् + नारायण

चिन्मय = चित् + मय

नियम 3.

त् के बाद श् आ जाए तो त् का च् और श् का छ् हो जाता हैं।
नोट-[ त् + श —-> त् का च् और श् का छ् ]
उदाहरण –

उच्छ्वास = उत् + श्वास ( त् का च् और श् का छ् )

उच्छिष्ट = उत् + शिष्ट

सच्छास्त्र = सत् + शास्त्र

नियम 4.

त् के बाद च,छ आ जाए तो त् का च् हो जाता हैं।
नोट-[ त् + च,छ —-> त् का च् हो जाता है ]
उदाहरण –

उच्चारण = उत् + चारण

उच्छिन = उत् + छिन्न

उच्छेद = उत् + छेद

सच्चरित्र = सत् + चरित्र

नियम 5.

त् + ग,घ,द,ध,ब,भ,य,र,व —–> त् का द् हो जाता है
उदाहरण –

सद्धर्म = सत् + धर्म (त् का द् हो जाता है )

नियम 6.

त् के बाद ह आजाए तो त् के स्थान पर द् और ह के स्थान पर ध् हो जाता हैं।
उदाहरण –

उद्धार = उत् + हार

पद्धति = पद् + हति

नियम 7. 

त् + ज् = त् का ज् हो जाता है।
 उदाहरण –

उज्ज्वल = उत् + ज्वल

सज्जन = सत् + जन

जगज्जननी = जगत् + जननी

नियम 8.

म् के बाद क् से म् तक के व्यंजन आये तो म् बाद में आने बाले व्यंजन के पंचमाक्षर में परिवर्तित हो जाता है।
नोट-[ म् + क् से म् = म् बाद में आने बाले व्यंजन के पंचमाक्षर में परिवर्तित हो जाता है। ]
उदाहरण – 

संताप = सम् + ताप

संदेश = सम् + देश

चिरंतन = चिरम् + तन

अलंकार = अलम् + कार

नियम 9.

यदि इ , उ  स्वर के बाद स् आता है तो स् का ष् में परिवर्तित हो जाता है।
उदाहरण-

अभिषेक = अभि + सेक

सुष्मिता = सु + स्मिता

 

(3) विसर्ग संधि- 

विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन आजाए तो दोंनो के मेल से जो परिवर्तन होता है उसे विसर्ग संधि कहते हैं।

नियम 1.

यदि विसर्ग के पहले अ हो और विसर्ग के बाद 3,4,5,वर्ण हो या य,र,ल,व,ह हो या अ हो तो विसर्ग का ओ हो जाता हैं

नोट-[ विसर्ग के पहले अ हो + 3,4,5,वर्ण हो या य,र,ल,व,ह हो या अ —-> ओ हो जाता हैं ]
उदाहरण –

यशोदा – यश : + दा ( अ : + द – ओ )

पयोद – पय : + द ( अ : + द – ओ )

कुछ अन्य उदाहरण:

मनोच्छेद = मन : + उच्छेद

रजोगुण = रज : + गुण

तपोधाम = तप : + धाम  

नियम 2.

यदि विसर्ग के पहले इ,ई,उ,ऊ हो और विसर्ग के बाद 3,4,5,वर्ण हो या य,र,ल,व,ह हो तो विसर्ग का र् हो जाता हैं।
नोट-[ विसर्ग के पहले इ,ई,उ,ऊ हो + 3,4,5,वर्ण हो या य,र,ल,व,ह हो —-> र् हो जाता हैं ]
उदाहरण –

आशीर्वाद = आशी : + वाद ( ई : + व – र् )

निर्भय = नि : + भय ( इ : + भ – र् )

कुछ अन्य उदाहरण –

दुर्घटना = दु : + घटना

आविर्भाव = आवि : + भाव

धनुर्धर = धनु : + धर

नियम 3.

विसर्ग के बाद च,छ,श हो, तो विसर्ग का श् का हो जाता है।
नोट-[ पहले स्वर : + च,छ,श ——> विसर्ग के स्थान पर श् हो जाता है ]
उदाहरण –

दुश्शासन = दु : + शासन ( उ : + श = श् )

निश्छल = नि : + छल ( इ : + छ = श् )

मनश्चेतना = मन : + चेतना

निश्चय = नि : + चय

नियम 4.

पहले स्वर : + त,थ,स ——> विसर्ग के स्थान पर स् हो जाता है।
उदाहरण –

दुस्तर = दु : + तर ( उ : + त – स् )

नमस्ते  = नम : + ते ( अ : + त – स् )

नियम 5.

यदि विसर्ग के पूर्व अ , आ से अतरिक्त कोई अन्य स्वर हो तथा विसर्ग के बाद क,ख,ट,प,फ हो तो विसर्ग ष् में परिवर्तित हो जाता है।
नोट-[अन्य स्वर  : + क,ख,ट,प,फ ——> विसर्ग के स्थान पर ष् हो जाता है ]
उदाहरण –

निष्पाप = नि: + पाप ( इ : + प = ष् )

दुष्ट = दु : + ट  ( उ : + ट = ष् )

 निष्फल = नि : + फल

नियम 6. 

अ स्वर : + अन्य स्वर ——> विसर्ग का लोप
उदाहरण –

अतएव = अतः + एव ( अ : + ए “अन्य स्वर” = विसर्ग का लोप )

यशइच्छा = यश : + इच्छा

नियम 7.

यदि विसर्ग के पूर्व अ , आ से अतरिक्त कोई अन्य स्वर हो और विसर्ग के बाद र् हो तो, विसर्ग के पूर्व के स्वर का लोप हो जाता है और वह दीर्घ हो जाता हैं।
नोट-[पहले इ या उ स्वर : + सामने र हो ——-> विसर्ग के पूर्व के स्वर का लोप हो जाता है और वह दीर्घ हो जाता हैं ]
उदाहरण –

नीरस = नि : + रस

नीरव = नि : + रव

संधि के अन्य उदाहरण –

आत्मोत्सर्ग = आत्मा + उत्सर्ग

प्रत्यक्ष = प्रति + अक्ष

अत्यंत = अति + अंत

प्रत्याघात = प्रति + आघात

 महोत्सव  = महा + उत्सव

जीर्णोद्वार = जीर्ण + उद्धार

धनोपार्जन = धन + उपार्जन

अंतर्राष्ट्रीय = अंतः + राष्ट्रीय 

श्रवण = श्री + अन

पुनरुक्ति = पुनर् + उक्ति

अंतःकरण = अंतर् + करण

स्वाधीन = स्व + आधीन

अंतर्ध्यान = अंतः + ध्यान

प्रत्याघात = प्रति + आघात

अत्यंत = अति + अंत

अत्यावश्यक = अति + आवश्यक

किंचित = किम् + चित

सुषुप्ति = सु + सुप्ति

प्रमाण = प्र + मान

रामायण = राम + अयन

विद्युल्लेखा = विद्युत् + लेखा

प्रश्न 1 इनमें कौन सा संधि-शब्द गलत है ?

(अ) सु+ सुप्ति – सुषुप्ति

(ब) सत्+ शास्त्र – सच्छास्त्र

(स) अभि+ इष्ट – अभिष्ट

(द) स्व+ इच्छा – स्वेच्छा

उत्तर अभि+ इष्ट – अभिष्ट

प्रश्न 2 इनमें कौन सा संधि-विच्छेद सही नहीं है ?

(अ) धनेश – धन+ ईश

(ब) राकेश – राक+ ईश

(स) उरगारि – उरग+ अरि

(द) अतएव – अतः+ एव

उत्तर राकेश – राक+ ईश

प्रश्न 3 इनमें कौन सा संधि-शब्द गलत है ?

(अ) मातृ+ आज्ञा – मात्राज्ञा

(ब) देव+ अर्पण – देव्यर्पण

(स) वाक्+ ईश – वागीश

(द) वर्षा+ ऋतु – वर्षार्तु

उत्तर वर्षा+ ऋतु – वर्षार्तु

प्रश्न 4 इनमें से किस विकल्प का संधि-विच्छेद सही है ?

(अ) निष्ठुर – नि+ स्थुर

(ब) पर्यटन – परी+ अटन

(स) वार्तालाप – वार्त+ अलाप

(द) भानूदय – भानू+ उदय

उत्तर निष्ठुर – नि+ स्थुर

प्रश्न 5 इनमें से किस विकल्प की संधि सही नहीं है ?

(अ) जल+ ओघ – जलौघ

(ब) एक+ एक – एकेक

(स) षट्+ मास – षण्मास

(द) सु+ अच्छ – स्वच्छ

उत्तर एक+ एक – एकेक

प्रश्न 6 इनमें से किस विकल्प की संधि सही है ?

(अ) कवि+ इन्द्र – कविन्द्र

(ब) राम+ ईश – रमेश

(स) सखी+ उचित – सख्युचित

(द) सत्+ नारी – सद्नारी

उत्तर सखी+ उचित – सख्युचित

प्रश्न 7 ‘अभ्युदय’ शब्द में कौनसी संधि है –

(अ) गुण

(ब) अयादि

(स) यण्

(द) दीर्घ

उत्तर यण्

प्रश्न 8 ‘पुनर्जन्म’ में कौनसी संधि है –

(अ) विसर्ग संधि

(ब) स्वर संधि

(स) व्यंजन संधि

(द) अयादि संधि

उत्तर विसर्ग संधि

प्रश्न 9 निम्नलिखित में से किस शब्द में व्यंजन संधि है –

(अ) पावक

(ब) प्रत्यक्ष

(स) नरेश

(द) जगन्नाथ

उत्तर जगन्नाथ

प्रश्न 10 ‘राजर्षि’ शब्द में कौनसी संधि है –

(अ) वृद्धि संधि

(ब) दीर्घ संधि

(स) यण संधि

(द) गुण संधि

उत्तर गुण संधि

प्रश्न 11 किस शब्द की संधि गलत है –

(अ) अतः + एव = अतएव

(ब) मम + इतर = ममेतर

(स) अक्ष + ऊहिनी = अक्षौहिणी

(द) नव + ऊढा = नवौढा

उत्तर नव + ऊढा = नवौढा

प्रश्न 12 इनमें से किस विकल्प का संधि-विच्छेद गलत है –

(अ) लोकोपचार = लोक + उपचार

(ब) कदापि = कदा + अपि

(स) प्रत्युपकार = प्रत्य + उपकार

(द) सप्तर्षि = सप्त + ऋषि

उत्तर प्रत्युपकार = प्रत्य + उपकार

प्रश्न 13 ‘गायक’ का सही संधि-विच्छेद है –

(अ) गे + अक

(ब) गै + अक

(स) गा + अक

(द) गा + यक

उत्तर गै + अक

प्रश्न 14 ‘अभीष्ट’ का सही संधि-विच्छेद है –

(अ) अभि + इष्ट

(ब) अभी + ईष्ट

(स) अभि + ईष्ट

(द) अभी + इष्ट

उत्तर अभि + इष्ट

प्रश्न 15 किस शब्द का संधि-विच्छेद सही नहीं है –

(अ) शुभाशीष = शुभ + आशिष

(ब) कपीश = कपी + ईश

(स) प्रणाम = प्र + नाम

(द) प्रत्याशा = प्रति + आशा

उत्तर कपीश = कपी + ईश

प्रश्न 16 किस शब्द की संधि सही है –

(अ) अभि + अर्थी = अभ्यार्थी

(ब) दिक् + मंडल = दिग्मण्डल

(स) मातृ + आदेश = मात्रादेश

(द) मही + इन्द्र = महेन्द्र

उत्तर मातृ + आदेश = मात्रादेश

प्रश्न 17 किस शब्द की संधि सही नहीं है –

(अ) मनु + अन्तर = मनवन्तर

(ब) अप् + ज = अब्ज

(स) उपरि + उक्त = उपर्युक्त

(द) छत्र + छाया = छत्रच्छाया

उत्तर मनु + अन्तर = मनवन्तर

प्रश्न 18 इनमें से किस शब्द की संधि सही नहीं है –

(अ) अधि + आदेश = अध्यादेश

(ब) अभि + आगत = अभ्यागत

(स) अधि + अधीन = अध्याधीन

(द) अभि + अर्थी = अभ्यर्थी

उत्तर अधि + अधीन = अध्याधीन

प्रश्न 19 किस शब्द का संधि-विच्छेद सही नहीं है –

(अ) महामात्य = महा + आमात्य

(ब) भयाक्रांत = भय + आक्रांत

(स) स्नेहाविष्ट = स्नेह + आविष्ट

(द) कंटकाकीर्ण = कंटक + आकीर्ण

उत्तर महामात्य = महा + आमात्य

प्रश्न 20 किस शब्द की संधि सही नहीं है –

(अ) सत् + धर्म = सद्धर्म

(ब) सत् + नारी = सद्नारी

(स) महा + उदय = महोदय

(द) वर्षा + ऋतु = वर्षर्तु

उत्तर सत् + नारी = सद्नारी

प्रश्न 21 किस शब्द का संधि-विच्छेद गलत है –

(अ) प्रतीक्षा = प्रति + इक्षा

(ब) मध्वरि = मधु + अरि

(स) यथेष्ट = यथा + इष्ट

(द) पावक = पौ + अक

उत्तर प्रतीक्षा = प्रति + इक्षा

प्रश्न 22 किस शब्द की संधि सही है –

(अ) स्त्री + उचित = स्त्रीयोचित

(ब) नदी + अर्पण = नद्यार्पण

(स) एक + एक = एकेक

(द) पितृ + अनुमति = पित्रनुमति

उत्तर पितृ + अनुमति = पित्रनुमति

प्रश्न 23 ‘वेद + उक्त’ का सही संधि-रूप होगा –

(अ) वेदोक्त

(ब) वेदूक्त

(स) वेदउक्त

(द) वेदौक्त

उत्तर वेदोक्त

प्रश्न 24 व्याकरण में सन्धि का अर्थ है –

(अ) दो शब्दों का मेल

(ब) दो पदों का मेल

(स) प्रथम पद के अन्तिम तथा द्वितीय पद के प्रथम वर्ण में मेल

(द) वर्ण तथा शब्द का मेल

उत्तर प्रथम पद के अन्तिम तथा द्वितीय पद के प्रथम वर्ण में मेल

प्रश्न 25 ‘अति + आचार’ का शुद्ध संधियुक्त शब्द है –

(अ) अतिआचार

(ब) अत्याचार

(स) आताचार

(द) अतीचार

उत्तर अत्याचार

प्रश्न 26 ‘नद्यागम’ शब्द का सही संधि-विच्छेद होगा –

(अ) नदी + आगम

(ब) नदी + अगम

(स) नदि + आगम

(द) नदि + अगम

उत्तर नदी + आगम

प्रश्न 27 ‘मनोविकार’ शब्द का सही सन्धि-विच्छेद है –

(अ) मनः + विकार

(ब) मना + विकार

(स) मनो + विकार

(द) मन + ओ + विकार

उत्तर मनः + विकार

प्रश्न 28 किस क्रम में उचित विच्छेद नहीं है ?

(अ) सम् + विधान

(ब) धनम् + जय

(स) वाम् + ईश

(द) दिक् + गज

उत्तर वाम् + ईश

प्रश्न 29 संधि के कितने प्रकार होते हैं –

(अ) दो

(ब) चार

(स) तीन

(द) पांच

उत्तर तीन

प्रश्न 30 ‘अन्वेषण’ शब्द में कौनसी संधि है ?

(अ) व्यंजन संधि

(ब) विसर्ग संधि

(स) यण् संधि

(द) अयादि संधि

उत्तर यण् संधि

प्रश्न 31 ‘पित्रनुमति’ शब्द का संधि विच्छेद है –

(अ) पित्र + अनुमति

(ब) पितृ + अनुमति

(स) पित्रनु + मति

(द) पितृनु + मति

उत्तर पितृ + अनुमति

प्रश्न 32 ‘नमस्ते’ में कौनसी संधि है ?

(अ) दीर्घ संधि

(ब) व्यंजन संधि

(स) अयादि संधि

(द) विसर्ग संधि

उत्तर विसर्ग संधि

प्रश्न 33 ‘सदैव’ शब्द का संधि विच्छेद होगा:

(अ) सद + एव

(ब) सदा + एव

(स) सद + ऐव

(द) सदा + ऐव

उत्तर सदा + एव

प्रश्न 34 ‘परमोत्सव’ शब्द में कौनसी संधि है ?

(अ) गुण संधि

(ब) यण संधि

(स) वृद्धि संधि

(द) दीर्घ संधि

उत्तर गुण संधि

प्रश्न 35 पुरः + कृत का संधि-रूप होगा –

(अ) पुरस्कृति

(ब) पुरसकार

(स) पुरस्कृत

(द) पुरूसकार

उत्तर पुरस्कृत

प्रश्न 36 निम्नलिखित में से किस शब्द में व्यंजन संधि है –

(अ) देवालय

(ब) पवन

(स) स्वागत

(द) उच्छ्वास

उत्तर उच्छ्वास

प्रश्न 37 ‘नीरोग’ शब्द में कौनसी संधि है –

(अ) गुण संधि

(ब) व्यंजन संधि

(स) विसर्ग संधि

(द) अयादि संधि

उत्तर विसर्ग संधि

प्रश्न 38 ‘वागीश’ शब्द में कौनसी संधि है –

(अ) व्यंजन संधि

(ब) विसर्ग संधि

(स) दीर्घ संधि

(द) गुण संधि

उत्तर व्यंजन संधि

प्रश्न 39 ‘एकैक’ शब्द में कौनसी संधि है –

(अ) दीर्घ

(ब) वृद्धि

(स) गुण

(द) अयादि

उत्तर वृद्धि

प्रश्न 40 ‘उज्ज्वल’ का सही सन्धि-विच्छेद होगा –

(अ) उत् + ज्वल

(ब) उज् + वल

(स) उज् + ज्वल

(द) उज् + जवल

उत्तर उत् + ज्वल

प्रश्न 41 ‘प्रेरणास्पद’ शब्द का संधि-विच्छेद होगा –

(अ) प्रेरणा + स्पद

(ब) प्रेरणा + आस्पद

(स) प्रेरणा + पद

(द) प्रेरणा + अस्पद

उत्तर प्रेरणा + आस्पद

प्रश्न 42 इनमें कौन सा संधि शब्द सही है –

(अ) दिक् + मंडल – दिग्मंडल

(ब) अन् + ऋत – अनृत

(स) मातृ + इच्छा – मातृच्छा

(द) देवी + अवतरण – देव्यावतरण

उत्तर अन् + ऋत – अनृत

प्रश्न 43 इनमें से कौन सा संधि शब्द सही है –

(अ) एक + एक – एकेक

(ब) रवि + इन्द्र – रविन्द्र

(स) अति + अधिक – अत्याधिक

(द) वर्षा + ऋतु – वर्षर्तु

उत्तर वर्षा + ऋतु – वर्षर्तु

प्रश्न 44 इनमें से कौन सा संधि-विच्छेद गलत है –

(अ) संस्कृत – सम् + कृत

(ब) तद्धित – तत् + धित

(स) नीरस – निः + रस

(द) अनेक – अन् + एक

उत्तर तद्धित – तत् + धित

प्रश्न 45 ‘गवाक्ष’ शब्द का सही संधि-विच्छेद होगा –

(अ) गव + अक्ष

(ब) गौ + अक्ष

(स) गो + अक्ष

(द) गवा + अक्ष

उत्तर गो + अक्ष

प्रश्न 46 इनमें से किस विकल्प में सही संधि-विच्छेद है –

(अ) अपेक्षा = अपि + ईक्षा

(ब) सरोज = सर + ओज

(स) पावक = पौ + अक

(द) जगन्नाथ = जग + नाथ

उत्तर पावक = पौ + अक

प्रश्न 47 इनमें से किस शब्द का संधि-विच्छेद सही नहीं है –

(अ) न्यून = नि + ऊन

(ब) अजंत = अज + अन्त

(स) मतैक्य = मत + ऐक्य

(द) महर्षि = महा + ऋषि

उत्तर अजंत = अज + अन्त

प्रश्न 48 ‘अभीप्सा’ का सही संधि-विच्छेद है –

(अ) अभि + इप्सा

(ब) अभी + इप्सा

(स) अभि + ईप्सा

(द) अभी + ईप्सा

उत्तर अभि + ईप्सा

प्रश्न 49 ‘यथेष्ट’ का सही संधि-विच्छेद है –

(अ) यथा + इष्ट

(ब) यथ + इष्ट

(स) यथा + ईष्ट

(द) यथ + ईष्ट

उत्तर यथा + इष्ट

प्रश्न 50 किस शब्द की संधि सही नहीं है –

(अ) परि + ईक्षा = परीक्षा

(ब) अभि + इष्ट = अभिष्ट

(स) वसुधा + एव = वसुधैव

(द) वि + आप्त = व्याप्त

उत्तर अभि + इष्ट = अभिष्ट

प्रश्न 51 इनमें से किस शब्द की संधि सही है –

(अ) राम + ईश = रमेश

(ब) उत्तर + अयन = उत्तरायन

(स) ध्वनि + अर्थ = ध्वन्यार्थ

(द) पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा

उत्तर पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा

प्रश्न 52 संस्कृत शब्द का संधि-विच्छेद होगा –

(अ) सम् + स्कृत

(ब) संस् + कृत

(स) सम् + कृत

(द) सम + कृत

उत्तर सम् + कृत

प्रश्न 53 विसर्ग संधि का उदाहरण है –

(अ) युधिष्ठिर

(ब) निष्ठुर

(स) भयंकर

(द) मनोयोग

उत्तर मनोयोग

प्रश्न 54 निम्न में से कौन सा संधि शब्द सही है –

(अ) गुरूपदेश

(ब) षड्मूर्ति

(स) उच्छृंख्ल

(द) मिष्टान्न

उत्तर मिष्टान्न

प्रश्न 55 स्वर-सन्धि से निर्मित शब्द नहीं है-

(अ) अत्याचार

(ब) उत्थान

(स) भानूदय

(द) शम्भ्वाराधना

उत्तर उत्थान

प्रश्न 56 किस समूह में यण-सन्धि रहित शब्द है-

(अ) देव्यैश्वर्य, प्रत्युपकार, नद्यूर्मि

(ब) अन्वित, सख्युचित, न्यून

(स) पित्रनुमति, यद्यपि, षडानन

(द) मात्रानन्द, नद्यर्पण, देव्यागम

उत्तर पित्रनुमति, यद्यपि, षडानन

प्रश्न 57 एक➕एक?

(अ) एकेक

(ब) अनेक

(स) एकैक

(द) एक

उत्तर एकैक

प्रश्न 58 स्वर संधि के कितने भेद माने गए हैं?

(अ) 2

(ब) 3

(स) 4

(द) 5

उत्तर 5

प्रश्न 59 संधि कितने प्रकार की होती है?

(अ) 2

(ब) 3

(स) 4

(द) 5

उत्तर 3

प्रश्न 60 आश्चर्य में संधि है –

(अ) व्यंजन संधि

(ब) स्वर संधि

(स) विसर्ग संधि

(द) दीर्घ संधि

उत्तर विसर्ग संधि

प्रश्न 61 सज्जन में संधि है –

(अ) व्यंजन संधि

(ब) अयादि संधि

(स) गुण संधि

(द) विसर्ग संधि

उत्तर व्यंजन संधि

प्रश्न 62 निराहार में संधि है –

(अ) विसर्ग संधि

(ब) वृद्धि संधि

(स) व्यंजन संधि

(द) यण संधि

उत्तर विसर्ग संधि

प्रश्न 63 दुश्शासन में संधि है –

(अ) विसर्ग संधि

(ब) व्यंजन संधि

(स) वृद्धि संधि

(द) दीर्घ संधि

उत्तर विसर्ग संधि

प्रश्न 64 निराशा में संधि है –

(अ) विसर्ग संधि

(ब) व्यंजन संधि

(स) दीर्घ संधि

(द) वृद्धि संधि

उत्तर विसर्ग संधि

प्रश्न 65 देव्यागमन में संधि है –

(अ) दीर्घ संधि

(ब) यण संधि

(स) गुण संधि

(द) वृद्धि संधि

उत्तर यण संधि

प्रश्न 66 संरक्षण में संधि है –

(अ) विसर्ग संधि

(ब) व्यंजन संधि

(स) दीर्घ संधि

(द) गुण संधि

उत्तर विसर्ग संधि

प्रश्न 67 ज्ञानोपदेश में संधि है –

(अ) गुण संधि

(ब) यण संधि

(स) वृद्धि संधि

(द) दीर्घ संधि

उत्तर गुण संधि

प्रश्न 68 पुस्तकालय में संधि है –

(अ) गुण संधि

(ब) दीर्घ संधि

(स) यण संधि

(द) वृद्धि संधि

उत्तर दीर्घ संधि

प्रश्न 69 मनोबल में संधि है –

(अ) विसर्ग संधि

(ब) दीर्घ संधि

(स) गुण संधि

(द) यण संधि

उत्तर विसर्ग संधि

प्रश्न 170 ‘गायक’ का सही संधि-विच्छेद है –

(अ) गे + अक

(ब) गै + अक

(स) गा + अक

(द) गा + यक

उत्तर गै + अक

हिंदी साहित्य

हिंदी साहित्य – अलंकार

हिंदी साहित्य – समास 

हिंदी साहित्य मुहावरे 

कुम्भनदास (हिंदी साहित्य-सम्पूर्ण जानकारी)

error: Content is protected !!